जनाब श्रीनिवासन जी,
आपको BCCI अध्यक्ष पुनः निर्वाचित होने पर बधाई । आपका क्रिकेट में जो अतुलनीय योगदान है उससे मैं और मेरे जैसे लाखों क्रिकेट प्रेमी हमेशा आपके कृतज्ञ रहेंगे । सर जी आप तो निर्विरोध चुन लिए गए । हाँ भई । बिना किसी विरोध के । विरोध दिखाया भी तो सूप्रीम कोर्ट ने । आपके क्रिकेट के प्रति प्रेम और लगाऊ को सूप्रीम कोर्ट क्या जाने । सुना हैं आप भी अपने दामाद की वजह से परेशान हैं । क्या करें ? यह आज कल के दामाद भी न ! बस । अब मुह न खुलवाओ । वैसे ललित मोदी लंदन में बैठकर BCCI और आपके बारे में कुछ कविताये कह रहे है । अपने मिस्टर जीनियस अर्णव गोस्वामी को । उनकी बात नहीं मानना हैं न सर । झूठ बोल रहे है न मोदी । अरे में नमो की नहीं लमो के बारें में कह रहा हूँ । लगाओ बुड़बक पर राष्ट्र द्रोह का केस । लंदन में बैठकर भारत (सीसीआई) को बदनाम कर रहा है । अरुण जेटली जी से मदद ले लेना । और केस करना हो तो सुब्रमण्यम स्वामी की सेवा ले लेना । केस करने का शौक है उन्हे । शौक बड़ी चीज़ है । लेकिन सर आपका और मोदी जी के प्रेम प्रसंग से हमे BCCI की काफी सारी ज्ञान वर्धक जानकारी मिल रही है । सामान्य ज्ञान में तो बढ़ोतरी हो ही रही है । सर जी, आप और आप जैसे कई लोग जैसे की अरुण जेटली, शरद जी, डालमिया जी, ललित मोदी जी, राजीव शुक्ला जी, फारुख अब्दुल्ला जी और भी कई लोग जो की निस्वार्थ भाव से, बिना किसी लालच के और पूरी कर्मठता से बीसीसीआई और क्रिकेट को अपना जीवन समर्पित करे हुए है । मै अपनी सेवाये आप ही तरह देने को तैयार हूँ । मुझे भी कहीं सेट कर लो सर । फीक्स कर लो जन बुझ कर नहीं बोल रहा हूँ । आपको एमबेरेसींग लगेगा ।
No comments:
Post a Comment